Thursday, 9 October 2014

ज़रा ध्यान से लें सप्लीमेंट:-


ऐसा नहीं है कि जिमनेज़ियम में सिर्फ कसरत करने से सिक्स पैक एब बन जाएंगे. आज कल कई जगहों पर सिक्स पैक एब बनाने के लिए सप्लीमेंट लेने की सलाह भी दी जाती है. ये सप्लीमेंट छोटे-बड़े पैकेट से लेकर पाँच-दस किलो के डिब्बों में तरह-तरह के नामों से आते है. पर ये सप्लीमेंट नुकसानदायक हो सकते हैं चाहे लो किसी की सलाह से लिए गए हों.
"विदेश से आने वाले डिब्बों की जाँच से पता चलता है कि कई डिब्बों में नैंड्रोलोन नामक सॉल्ट मिला हुआ था. इसके अधिक सेवन से ख़ासकर पुरूषों के स्तन बहुत बढ जाते है, आवाज़ भारी हो जाती है, गुस्सा अधिक आता है, चिड़चिड़ापन बढ जाता है, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, लीवर कैंसर हो सकता है. महिलाओं के चेहरे पर बाल आ जाते है. कुछ एथलीट गंजे हो जाते है. बांझपन हो जाता है और कुछ को अन्य तरह की गंभीर बीमारिया घेर लेती है."

अमरीका में स्पोर्टस मैडिसीन में डब्लयूएचओ( विश्व स्वास्थय संस्था) से फ़ैलोशिप कर चुके डॉक्टर जवाहर लाल जैन कहते हैं, "न्यूट्रिशन सपलीमैंट फिज़िशियन की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए. न्यूट्रिशन सपलीमैंट लेना बुरा नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या है कि न्यूट्रिशन सपलीमैंट की इंडस्ट्री नियामक नहीं है. बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाइयां हैं लेकिन बिना सलाह से या फिर अपने मन से सपलीमैंट लेने से नुकसान भी हो सकता है."

डॉक्टर जवाहर लाल जैन बताते हैं, "पिछले दिनों जितना भी शोध हुआ उसके आधार पर सरकार ने भारतीय खेल प्राधिकरण से भी कहा है कि वह अपने क्षेत्रिय ट्रेनिंग सैंटर में न्यूट्रीशन सप्लीमेंट की जगह सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश दे."
जैन चेतावनी देते हैं कि अगर सप्लीमेंट में क्षमता बढाने वाली दवाइंया मिली हों तो किसी भी खिलाड़ी का खेल जीवन क्लिक करें डोप के आरोप में समाप्त हो सकता है. जैम कहते है "सप्लीमेंट के डिब्बो में कई बार स्टेरॉयड्स मिले हुए होते हैं. एथलीट ये बात समझते हैं कि एक चम्मच खाने से प्रदर्शन 10 गुना और 6 चम्मच खाने से 60 गुना बढ़ जाएगा."

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