Thursday, 9 October 2014

बॉडी बिल्‍डिंग करने वालों के लिये 30 महत्वपूर्ण आहार


अगर आप पर भी बॉडी बिल्‍डिंग का जुनून सवार है तो अभी से ही हेल्‍दी डायट लेना शुरु कर दें। अच्‍छी बॉडी वाले व्‍यक्‍ति अपने डायट में ऐसे खास आहार लेते हैं जिससे उनकी बॉडी मसल्‍स तुरंत बने। आज बॉडी बिल्‍डिंग का क्रेज बहुत तेजी से बढता नजर आ रहा है। बच्‍चे क्‍या और बूढ़े क्‍या, जिसको देखो वही जिम में जा कर घंटो पसीना बहा रहा है। मगर दोस्‍तों जिम में जा कर केवल पसीना बहाने से कुछ नहीं होने वाला है। अगर आपको अच्‍छी बॉडी चाहिये तो, प्रोटीन और पोषक तत्‍वों से भरे आहार ग्रहण करने होगें। बॉडी बिल्‍डिंग के लिये आपको चीनी, कार्ब और अतरिक्‍त वसा वाले भोजन पर रोक लगानी होगी। कुछ लोग जिन्‍हें बॉडी बिल्‍डिंग का शौक होता है वे अपने आहार में केवल अंडा, चिकन ब्रेस्‍ट और ब्राउन राइस ही खाते हैं क्‍योंकि उन्‍हें अन्‍य आहारों के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। पर दोस्‍तों अगर आप भी बॉडी बिल्‍डिंग का शौक रखते हैं तो हम आपको ऐसे अहारों की जानकारी देगें, जिसे नियमित खाने से आपकी बॉडी जल्‍द बनेगी। बॉडी बिल्‍डिंग करने वाले लोगों को शक्‍ति की बहुत जरुरत होती है साथ ही अगर उनका इम्‍मयून सिस्‍टम मजबूत न हो तो, कई प्रकार की बीमारियां भी लग जाती हैं। ऐसे में जरुरी है कि वे ऐसे आहार खाएं जिससे उनकी बॉडी भी बने, एनर्जी भी प्राप्‍त हो और उनका इम्‍मयून सिस्‍ट भी मजबूत हो।

1- अंडा: बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अंडे से अच्‍छा कुछ नहीं हो सकता क्‍योंकि इसके सफेद भाग में 84 प्रतिशत प्रोटीन और 0 प्रतिशत वसा होती है। अंडे को हमेशा उबाल कर ही खाना चाहिये। मसल्‍स बनाने के लिये आपको एक दिन में 5-6 अंडे तक खाने की जरुरत है।

2- क्रैब: सीफूड के फायदे के बारे में किसी को नहीं पता है कि इसमें तरह-तरह के न्‍यूट्रियंट्स पाए जाते हैं और इसमें बिल्‍कुल भी कैलोरी नहीं होती।

3- मटन: यह प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन बी से भरा होता है। हफ्ते में एक बार मटन जरुर खाएं लेकिन कोशिश यह करें कि मटन फ्राई ना किया हुआ हो।

4- मछली: आपकी मासपेशियों को बढने के लिये मोनो सैचुरेटेड फैट की आवशयकता होती है। वर्कआउट करते समय शरीर का सारा फैट बर्न हो जाता है तो ऐसे में शरीर में जमा मोनो सैचुरेटेड फैट ही शरीर में एनर्जी बढाता है।

5- घोंघा: पुरुषों के लिये यह एक स्‍पेशल बॉडी बिल्‍डिंग आहार है। इसमें विषेश प्रकार का समुंद्रिय पोषक मिला होता है जो कि टेस्‍ट्रोस्‍ट्रॉन बढाने में भी मदद करता है।

6- ओट्स: शरीर में अपचय की प्रक्रिया बढाने के लिये ओट्स खाइये। इसको खाने से शरीर में फैट नहीं जमता।

7- पनीर: इसमें बिल्‍कुल भी फैट नहीं होता और बहुत ही ज्‍यादा मात्रा में प्रोटीन होता है। इसलिये यह बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छा होता है।

8- ब्रॉकली: इसमें विटामिन सी होता है जो कि शरीर में सेल्‍स को तुरंत खराब नहीं होने देती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है।

9- मूंगफली: पीनट बटर या फिर मूंगफली खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसको खाने से बहुत देर तक भूंख नहीं लगती।

10- केला: इसे खाने से शरीर की प्रतिरक्षा बढती है और यह प्रोटीन बढाने में भी मददगार होता है।

11- पालक: अगर बॉडी बनाने वाले इसे नियमित खाएं तो उनकी बॉडी जल्‍दी बनेगी।

12- मिर्च: लाल या हरी मिर्च बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छे फूड माने जाते हैं। यह हड्डियों को मजबूत करने के लिये और अच्‍छे ब्‍लड सर्कुलेशन के लिये जाने जाते हैं।

13- ब्‍लूबैरी: इनमें बहुत सारा पौष्‍टिक तत्‍व पाया जाता है, जिससे बीमारियां दूर रहती हैं। साथ ही यह शरीर में सेलुलर इलास्‍टिसिटी बनाने में भी मदद करती है।

14- ग्रीन टी: इसकी सबसे अच्‍छी बात यह है कि यह शरीर में अच्‍छे बैक्‍टीरिया को जन्‍म देती है जिससे बॉडी बिल्‍डर्स का इम्‍मयून सिस्‍टम मजबूत होता है और बीमारियां दूर होती हैं।

15- शकरकंद: इसमें सेहतमंद कार्बोहाइड्रेट मिलता है जो कि बॉडी बनाने वालों को सख्‍त जरुरत होती क्‍योंकि इसेस उन्‍हें वर्कआउट करने के लिये स्‍टैमिना मिलता है।

16- टमाटर: इमसें विटामिन ए होता है जो कि बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छा माना जाता है। इससे फैट भी बर्न होता है और मस्‍लस में खिंचाव भी कम होता है।

17- अंजीर: यहां पर हम ताजी अंजीर की बात कर रहे हैं न कि सूखी अंजीर की। यदि इसे रोज खाया जाए तो इससे बॉडी तगड़ी बनती है। दिन में एक अंजीर का फल खाना चाहिये।

18- मशरूम: सफेर रंग के मशरूम लाभदायक होते हैं। इसमें बहुत सारा पोषण होता है जिससे मासपेशियां बनने में मदद मिलती है।

19- टोफू: इसमें वह सब पाया जाता है जो मीट में होता है। इसमें अमीनो एसिड और आइसोफ्लेवोनीस पदार्थ पाया जाता है जिससे मासपेशियां बड़ी तेजी से विकसित होने लग जाती हैं।

20- दालें: आपको दाल रोज खानी चाहिये क्‍योंकि इसमें बहुत सारा प्रोटीन और पोषण होता है।

21- दही: इसमें बहुत सारा कॉप्‍लेक्‍स शुगर और घुलनशील प्रोटीन होता है। यह वर्कआउट करने के लिये शक्‍ति प्रदान करता है।

22- पाइनएप्‍पल: अगर आपको अच्‍छी मसल्‍स बनानी है तो आप ताजा पाइनएप्‍पल खाएं। इससे वर्कआउट के लिये एनर्जी मिलती है।

23- जैतून का तेल: अपने वेजिटेबल ऑयल को बदल कर जैतून तेल खरीद लीजिये। इसमें आवश्‍यक फैटी एसिड और मोनोसैच्‍युरेटेड फैट्स होते हैं जो कि मसल्‍स बनाने में उपयोगी होते हैं।

24- चॉकलेट: डार्क चॉकलेट बॉडी बनाने के लिये सबसे अच्‍छे पदार्थ माने जाते हैं। हफ्ते में एक बार डार्क चॉकलेट जरुर खानी चाहिये ।

25- अलसी: इन दानों में बहुत सारा प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है। बॉडी बिल्‍डिंग के लिये और शारीरिक गतिविधी बढाने के लिये यह जरुर खाएं।

26- बादाम: बॉडी बिल्‍डिंग के लिये बादाम बहुत अच्‍छे स्‍नैक्‍स माने जाते हैं। इसमें बहुत सारा अमीनो एसिड होता है जो कि मसल्‍स बनाने में उपयोगी होते हैं।

27- रिकोटा: यह एक इटैलियन चीज़ होती है जो कि भेड़ के दूध से बनी होती है। इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और बॉडी भी मजबूत बनती है।

28- चुकंदर: इसमें नाइट्रेट पाया जाता है जिससे बॉडी बिल्‍डर की गतिविधी अच्‍छी हो जाती है। इसे पहले उबाल कर तब सब्‍जी के रूप में प्रयोग करना चाहिये।

29- चिकन: चिकन ब्रेस्‍ट या केवल चिकन खाने से आपको हाई क्‍वालिटी का प्रोटीन मिलेगा। इसमें बिल्‍कुल भी फैट नहीं होता इसलिये इसे जरुर खाएं।

30- एवोकाडो: एक साधारण से एवोकाडों में 20 जरुरी पोषक तत्‍व, 250 कैलोरी, 10 ग्राम फाइबर और 15 ग्राम मोनोसैच्‍युरेटेड फैट मिल जाएंगे। इसका सेवन करने से बॉडी अच्‍छी बनती है।

Source-boldsky

किसी भी जिम में जाने से पहले हमें मूल रूप से इन बातों पर भी ध्यान देना चाहिए-


* जिम का चुनाव करते समय इस बात को सबसे पहले जेहन में रखें कि वह आपकी लाइफस्टाइल के अनुरूप हो, उसे प्रमोट करने वाला हो। जिम ऐसा न हो जो सिर्फ आपके लिए एक मेडिकल प्रोग्राम की ही भूमिका अदा करे।

* जिम में आने वाले जहाँ एक ओर यंगस्टर्स होते हैं वही दूसरी ओर मिडिल एज ग्रुप के लोग भी होते हैं। यंगस्टर्स वहाँ बॉडी बिल्डिंग के लिए आते हैं तो कुछ लोग सामान्य रूप से फिट रहने के लिए इसे ज्वाइन करते हैं। उम्र और शरीर के अनुसार सबके शरीर अलग प्रकार के होते हैं। उनके फिटनेस लेवल में भी फर्क होता है। कुछ हार्ट पेशेंट, हाई ब्लडप्रैशर, आस्ट‍ियोपोरोसिस के पेशेंट होते हैं। जिम में ऐसे तमाम लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार के प्रोग्राम होने चाहिए इसलिए ट्रेनर का उच्च प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है।

* जिम में इस्तेमाल होने वाले बॉडी इक्विपमेंट भी ब्रांडेड तथा उच्च क्वालिटी के होने चाहिए। इस तरह के इक्विपमेंट द्वारा ही एक्सरसाइज का सही तकनीकी ढंग से विकास किया जा सकता है। सही मसल्स के डेवलपमेंट के लिए यह इक्विपमेंट सुरक्षित होने चाहिए ताकि इससे किसी प्रकार की दुर्घटना होने की आशंका न रहे।

* जिम ऐसा हो जो आप में मोटापा कम करने का आकर्षण जगाने के बजाय आपके शरीर के फैट के स्तर को संतुलित करे।

* पहली बार जिम ज्वाइन करने वालों के लिए जरूरी है कि वे जिम में ऐसी एक्सरसाइज रूटीन और न्यूट्रिशिनल गाइड लाइन्स अपनाएँ जो कि शॉट टर्म हों, जिन्हें आप अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार पूरा कर सकने में सफल हो सकें।

* वर्क आउट के लिए आपका मूड तभी तैयार हो सकता है जब आपके आसपास का वातावरण इसके अनुकूल हो। जिम की साफ-सफाई, वहाँ कार्यरत लोगों का पॉजिटिव रुख और वहाँ आने वाला क्राउड आपके वर्कआउट के मूड को लगातार ताजा बनाए रखता है।

* ऐसा हो भी क्यों न आखिर आप जिम में अपनी बॉडी, माइंड को सिर्फ एनर्जी देने के लिए ही नहीं आए हैं बल्कि एक दिन आने के बाद यहाँ अगले दिन भी आपका दोबारा आने के लिए मन करे। जिम का ऐसा होना भी जरूरी है।

* जिम का चुनाव करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि जिम में आप बॉडी और माइंड दोनों को फिट करने जा रहे हैं। डि-स्ट्रेस के लिए वहाँ मसाज, स्टीम, शॉवर, हेल्थ जूस कैफे की सुविधाएँ भी उपलब्ध होनी चाहिए।

* जिम में ट्रेंड प्रोफेशनल्स के अलावा फिटनेस प्रोग्राम को साइंटिफिक एप्रोच से करवाने की सुविधा भी होनी चाहिए।

* जिम में फिटनेस प्रोग्राम को सही तरीके से गाइड करने के लिए प्रोफेशनल कंसल्टेंट्स, फिटनेस एक्सपर्ट्‌स, फिजियो थैरेपिस्ट्स, न्यूट्रिशनिस्ट्स आदि होने चाहिए। याद रखें हमारे शरीर की जरूरत मेडिकल हिस्ट्री और बॉडी डाइट के अनुसार ही एक्सपर्ट हमें गाइड करें तो बेहतर होता है।

ज़रा ध्यान से लें सप्लीमेंट:-


ऐसा नहीं है कि जिमनेज़ियम में सिर्फ कसरत करने से सिक्स पैक एब बन जाएंगे. आज कल कई जगहों पर सिक्स पैक एब बनाने के लिए सप्लीमेंट लेने की सलाह भी दी जाती है. ये सप्लीमेंट छोटे-बड़े पैकेट से लेकर पाँच-दस किलो के डिब्बों में तरह-तरह के नामों से आते है. पर ये सप्लीमेंट नुकसानदायक हो सकते हैं चाहे लो किसी की सलाह से लिए गए हों.
"विदेश से आने वाले डिब्बों की जाँच से पता चलता है कि कई डिब्बों में नैंड्रोलोन नामक सॉल्ट मिला हुआ था. इसके अधिक सेवन से ख़ासकर पुरूषों के स्तन बहुत बढ जाते है, आवाज़ भारी हो जाती है, गुस्सा अधिक आता है, चिड़चिड़ापन बढ जाता है, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, लीवर कैंसर हो सकता है. महिलाओं के चेहरे पर बाल आ जाते है. कुछ एथलीट गंजे हो जाते है. बांझपन हो जाता है और कुछ को अन्य तरह की गंभीर बीमारिया घेर लेती है."

अमरीका में स्पोर्टस मैडिसीन में डब्लयूएचओ( विश्व स्वास्थय संस्था) से फ़ैलोशिप कर चुके डॉक्टर जवाहर लाल जैन कहते हैं, "न्यूट्रिशन सपलीमैंट फिज़िशियन की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए. न्यूट्रिशन सपलीमैंट लेना बुरा नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या है कि न्यूट्रिशन सपलीमैंट की इंडस्ट्री नियामक नहीं है. बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाइयां हैं लेकिन बिना सलाह से या फिर अपने मन से सपलीमैंट लेने से नुकसान भी हो सकता है."

डॉक्टर जवाहर लाल जैन बताते हैं, "पिछले दिनों जितना भी शोध हुआ उसके आधार पर सरकार ने भारतीय खेल प्राधिकरण से भी कहा है कि वह अपने क्षेत्रिय ट्रेनिंग सैंटर में न्यूट्रीशन सप्लीमेंट की जगह सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश दे."
जैन चेतावनी देते हैं कि अगर सप्लीमेंट में क्षमता बढाने वाली दवाइंया मिली हों तो किसी भी खिलाड़ी का खेल जीवन क्लिक करें डोप के आरोप में समाप्त हो सकता है. जैम कहते है "सप्लीमेंट के डिब्बो में कई बार स्टेरॉयड्स मिले हुए होते हैं. एथलीट ये बात समझते हैं कि एक चम्मच खाने से प्रदर्शन 10 गुना और 6 चम्मच खाने से 60 गुना बढ़ जाएगा."